जमुई में गुड्डू यादव से जुड़े 25 ठिकानों पर EOU की बड़ी कार्रवाई, 5 गिरफ्तार; ₹34.19 लाख नकद, हथियार और सरकारी दस्तावेज बरामद
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने STF के सहयोग से जमुई जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी के पति गुड्डू यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े 25 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में ₹34.19 लाख नकद, हथियार, कारतूस, सरकारी दस्तावेज और कई वाहन बरामद किए गए। पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
जमुई: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के सहयोग से संगठित अपराध और कथित अवैध संपत्ति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जमुई जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी के पति गुड्डू यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। मंगलवार को दिनभर चली इस कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि ₹34.19 लाख नकद, हथियार, कारतूस, सरकारी दस्तावेज और कई वाहन बरामद किए गए।
ईओयू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार छापेमारी के दौरान एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और 79 राउंड राइफल की गोलियां बरामद हुईं। इसके अलावा जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंक अभिलेख, सरकारी रिकॉर्ड, एक एसयूवी, एक बोलेरो और एक स्कूटी भी जब्त की गई है। रात आठ बजे प्रेस रिलीज जारी होने के बाद भी कुछ ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी रहा।
जांच एजेंसी के अनुसार गुड्डू यादव पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि की खरीद-बिक्री, राजस्व अभिलेखों में हेरफेर, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, रंगदारी, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास और संगठित आपराधिक नेटवर्क संचालित करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इस मामले में गुड्डू यादव समेत 17 लोगों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई, पटना में कांड संख्या 14/26 दर्ज है।
ईओयू का दावा है कि वर्ष 2000 से अब तक जमुई, लखीसराय और नवादा के विभिन्न थानों में गुड्डू यादव के खिलाफ कुल 39 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गुड्डू यादव और उनकी पत्नी दुलारी देवी के नाम 29 अचल संपत्तियां दर्ज हैं। इन संपत्तियों का निबंधन मूल्य करीब ₹2.57 करोड़ है, जबकि सरकारी सर्किल रेट के आधार पर इनकी कीमत लगभग ₹7.59 करोड़ आंकी गई है। इसके अलावा गिरोह से जुड़े लोगों द्वारा 61 दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी भी मिली है।
जांच के दौरान गुड्डू यादव और उनकी पत्नी के नाम संचालित 10 बैंक खातों का भी पता चला है। इन खातों में हुए लेन-देन और आर्थिक गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान सिकंदरा स्थित एक पेट्रोल पंप कार्यालय से 79 राउंड राइफल की गोलियां बरामद हुईं, जबकि दूसरे ठिकाने से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस मिले। हथियारों की बरामदगी के बाद संबंधित स्थानीय थाने में अलग से कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई में बाबूलाल यादव, भूषण यादव, विपिन यादव, प्रमोद यादव और राकेश उर्फ सोनू यादव को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपितों से पूछताछ कर उनके आर्थिक लेन-देन, संपत्तियों और आपराधिक नेटवर्क की जांच की जा रही है।
छापेमारी के दौरान एक आरोपी के घर से अंचल कार्यालय सिकंदरा के सरकारी रजिस्टर और न्यायालय से जुड़े सीलबंद लिफाफे भी बरामद हुए हैं। सरकारी दस्तावेजों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये रिकॉर्ड वहां कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
ईओयू ने गुड्डू यादव, बाबूलाल यादव और ललन यादव के जमुई एवं सिकंदरा स्थित आलीशान मकानों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराने का भी निर्णय लिया है। जांच एजेंसी निर्माण लागत, आय के स्रोत और संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन करेगी।
आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि संगठित आर्थिक अपराध, अवैध संपत्ति और अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। मामले की जांच अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।